शब्दकोश विभाग

कुछ दशक पहले तक, जबकि विश्वभर में महायान बौद्धधर्म में रुचि बढ़ने लगी, उससे संबद्ध साहित्य तिब्बती और चीनी जैसी कुछ प्रतिष्ठित प्राचीन भाषाओं तक ही सीमित था । महापंडित राहुल सांकृत्यायन जैसे विद्वानों के प्रयासों के फलस्वरूप कुछ संस्कृत पाठ पाठकों के ध्यान में आए तो जरूर, पर वे अक्सर अशुद्ध तथा अपूर्ण रहा करते थे । इस स्थिति को देखकर कुछ समसामयिक विद्वानों ने एक महत्त्वाकांक्षी योजना बनाई । इस योजना का मुख्य उद्देश्य था - उपलब्ध संस्कृत पाठों के प्रामाणिक संस्करण तैयार करना, आधे-अधूरे पाठों को उनके तिब्बती अनुवादों के आधार पर पुनःस्थापित करना, इन भाषाओं में उपलब्ध सामग्री पर आधारित उच्च-स्तरीय अनुसंधान को प्रोत्साहन देना, तथा तिब्बती और संस्कृत जैसी प्रतिष्ठित भाषाओं में उपलब्ध बौद्ध साहित्य हिंदी और अँग्रेजी जैसी आधुनिक भाषाओं में सुलभ कराना । इस महत्त्वाकांक्षी कार्यक्रम को पूरा करने के लिए अलग-अलग प्रकार के शब्द कोशों की जरूरत पड़ने लगी । केन्द्रीय उच्च तिब्बती शिक्षा संस्थान ने एक बृहत शब्दकोश प्रकल्प का बीड़ा उठाया । इस प्रकल्प में दो प्रकार के (साधारण और विशिष्ट) शब्दकोश बनाने का प्रावधान है ।

पूरे हो चुके प्रकल्प

तिब्बती-संस्कृत शब्दकोश

सर्वसाधारण शब्दकोश बनाने के प्रयास के अंश-स्वरूप 16 खंडों में विभक्त एक तिब्बती-संस्कृत शब्दकोश का निर्माण कार्य 1981 में शुरू हुआ और 2005 में समाप्त हुआ ।


संरचना

यह तिब्बती-संस्कृत समानार्थी शब्दों का विशिष्ट कोश है, जिसमें बौद्ध क्षेत्र के न्याय, दर्शन, परतत्त्वशास्त्र, नीतिशास्त्र, आगम, साधक सहित्य, तंत्र, वैद्यक, ज्योतिष, काव्यशास्त्र, व्याकरण आदि से संबद्ध तिब्बती-संस्कृत पर्यायवाची शब्द उनके अर्थों, परिभाषाओं तथा सन्दर्भ प्रयोगों के साथ प्रस्तुत किये गये हैं । इसके साथ साथ, न्याय, वैशेषिक, सांख्य इत्यादि बौद्धेतर भारतीय दर्शनों में प्रयुक्त बौद्ध साहित्य में पाये जानेवाले तिब्बती- संस्कृत पर्याय भी उनके प्रयोग तथा परिभाषाओं के साथ इस कोश में सन्नहित हैं । वैसे ही बौद्ध तथा बौद्धेतर दोनों परम्पराओं में आनेवाले दार्शनिकेतर शब्दों का भी इस कोश में ध्यान रखा गया है । 16 खंडों का यह तिब्बती-संस्कृत शब्दकोश कें. उ. ति. शि. संस्थान के अनुसंधान विभाग के शब्दकोश इकाई का महायान बौद्ध धर्म को और विशेषकर तिब्बती बौद्ध अध्ययन को एक अनन्यसाधारण योगदान है । यह आज तक बनाये गये तिब्बती-संस्कृत शब्दकोशों में सबसे अधिक बृहत् कोश है, जिसमें 100,000 से अधिक पर्यायवाची शब्द हैं । इस क्षेत्र में कार्यरत विद्वानों ने इस कोश की बहुत सराहना की है तथा उसे एक इतिहासकारी प्रयास बताया है । प्रो. जे. डब्ल्यू डी जाँग ने इंडो-इरानियन जर्नल में (खण्ड 40 (3)जुलाई, पृ. 273) इस कोश की समालोचना की है । तिब्बती-संस्कृत शब्दकोश (16 खण्ड) का डेटा बेस अथवा सीडी रॉम पूर्ण हो चुका है तथा शीघ्र ही प्रकाशित होने जा रहा है ।


धर्मसंग्रह कोश (तिब्बती-संस्कृत धर्म पद उनके प्रकारों के साथ)

“धर्म” शब्द का प्रयोग यहाँ पर अभिप्रेत है, कोई भी ऐसा शब्द जो किसी प्रवर्ग की ओर संकेत करता है। वर्तमान खण्ड के लिए ये धर्म-वाचक शब्द मुख्यतः आर्कधर्म, विनय, तंत्र, आयुर्विज्ञान, ज्योतिष आदि बौद्धशास्त्र संप्रदायों से लिए गये हैं । तिब्बती में अनुवादित संस्कृत ग्रंथों में उपलब्ध बौद्धेतर शब्द भी इस कोश में समाविष्ट किये गये हैं ।

इस कोश कि संरचना के बनते समय दो पक्षों का ध्यान रखा गया है-

  1. मुख्य पाठ में दिये गये वांछित धर्म-पद तक आसान पहुँच, और
  2. तिब्बती तथा संस्कृत पाठकों के लिए और तिब्बती-संस्कृत का तुलनात्मक अध्ययन करनेवाले अध्येताओं के लिए प्रांसंगिकता ।

इस कोश का निर्माण कार्य 2005 में शुरू हुआ और 2006 में समाप्त हुआ ।

तिब्बती-संस्कृत सामंजस्य पाठ (संदर्भ कोश)

बौद्ध साहित्य के क्षेत्र में अनुसंधान, संपादन, अनुवाद, शब्दकोश रचना आदि करते समय संस्कृत पाठों का तिब्बती अनुवाद तथा उनके मूल पाठ इन दोनों का परामर्श लेना पड़ता है । यह निःसंशय बड़ा थकानेवाला काम है । इसलिये, समय बचाने तथा अनावश्यक परिश्रम से बचने के लिए तिब्बती-संस्कृत पाठों का सामंजस्य तैयार करना तय किया गया । इस कोश का आरंभ 2005 में तथा समापन 2008 में हुआ । किसी संस्कृत पाठ के वांछित अंश के अनुरूप कग्युर या तंग्युर तिब्बती अनुवाद में पता लगाने के लिए इसकी सहायता होती है ।

चल रहे प्रकल्प

आयुर्विज्ञान कोश

यह शब्दकोश अष्टांगहृदय, उसका तिब्बती अनुवाद तथा कुछ संस्कृत भाष्यों पर आधारित है । वह अष्टांगहृदय की विषयवस्तु का सारांश प्रगट करता है । साथ ही साथ साधारण तथा तकनीकी तिब्बती पदों को उनके संस्कृत पर्यायवाची शब्दों के साथ वह प्रस्तुत करता है । औषधि वनस्पतियों के अलग-अलग अंशों के चित्र भी इसमें समाविष्ट किये जाएँगे । यह कोश प्रूफरीडिंग की अन्तिम अवस्था में है तथा आनेवाले कुछ ही महीनों में यह पूर्ण हो जायेगा ।


ज्योतिष कोश

यह कोश ज्योतिष तथा खगोल-विज्ञान से संबद्ध संस्कृत पाठ तथा उनके तिब्बती अनुवादों पर आधारित होगा, और इन पाठों की विषय वस्तु का सारांश प्रगट करेगा । तकनीकी पदों को स्पष्ट करने के लिए ससन्दर्भ उद्धरणों का उपयोग किया जाएगा । इस कोश का आरंभ 2006 में हुआ । ज्योतिष तथा खगोलविज्ञान से जुड़े हुए कुछ संस्कृत पाठ कम्प्यूटर में डालकर उनका प्रूफरीडिंग कार्य पूरा हुआ है । तकनीकी पद तथा इन पाठों से लिए गये उद्धरण पूरे हो चुके हैं । साथ ही साथ, कुछ तिब्बती पाठ भी कम्प्यूटर में डाले गये और उनका प्रूफरीडिंग भी पूरा हो चुका है ।


छात्रों के लिए तिब्बती-संस्कृत कोश (छात्र उपयोगी कोश)

इस कोश का आरंभ 2008 में हुआ । इसमें तिब्बती शब्द उनके संस्कृत पर्यायों के साथ समाविष्ट किए जाएँगे । तिब्बती पदों के तुरन्त बाद उनका उच्चारण दिया जाएगा । तिब्बती पदों का अर्थ स्पष्ट करने के लिए जहाँ-जहाँ आवश्यक हैं, टिप्पणियाँ, उदाहरण तथा आधुनिक तिब्बती शब्द दिए गये हैं ।


संस्कृत-तिब्बती शब्दावली

इस अनुभाग द्वारा तैयार किए गए तिब्बती-संस्कृत कोश पर यह शब्दावली आधारित है । इसमें संस्कृत पद उनके तिब्बती पर्यायों के साथ समाविष्ट हैं । संस्कृत और तिब्बती पाठों के तुलनात्मक अध्ययन के क्षेत्र में काम करनेवाले छात्रों तथा शोधकर्ताओं के लिए यह शब्दावली लाभदायक सिद्ध होगी ।


तिब्बती-संस्कृत शब्दकोश का डेटा बेस अथवा सीडी वर्शन (16 खण्ड)

यह डेटा बेस तिब्बती-संस्कृत शब्दकोश (अतिश तिब्बती तथा अतिश संस्कृत- नॉर्मल, मीडियम, बोल्ड और भारती तथा भारती संस्कृत-नॉर्मल, मीडियम बोल्ड फॉट्स) का रूपांतरण (युनिकोड फॉर्मैट) है । सरल तथा सहज-सुलभ शोध-उपकरणों के माध्यम से सीधे वांछित पद या प्रविष्टि तक पहुँचने में यह डेटा बेस शोध कर्ताओं की सहायता करेगा । अभी यह संपादन की अंतिम अवस्था में है तथा कुछ ही महीनों में पूर्ण हो जायेगा ।


भोट संस्करणों का सन्दर्भ कोश

इस कोश का आरंभ 2008 में हुआ । कग्युर तथा तंग्युर के सभी अनुरूप तिब्बती संस्करणों में, वांछित अंश को ढूँढ़ने में यह संदर्भ कोश शोध-कर्ताओं की सहायता करेगा ।

भावी प्रकल्प

  1. बौद्ध न्याय कोश
  2. बौद्ध तंत्र कोश
  3. पाँच धर्मग्रंथों का संदर्भ कोश (108 पाठ)
  4. भारतीय बौद्ध धर्म के संदर्भ में प्राचीन भौगोलिक स्थान-नामों का कोश (तिब्बती)
  5. तिब्बती-हिंदी कोश
  6. ग्रंथ कोश

कर्मचारीगण

  1. डॉ. रमेशचन्द्र नेगी
    कार्यकारी मुख्य संपादक
  2. प्रो. एस. एन. मिश्र
    संपादक
  3. डॉ. टशी छ़ेरिङ्
    शोध सहायक
  4. डॉ. टशी टोपग्याल
    शोध सहायक
  5. श्री तेन्ज़िन नोर्बु
    शोध सहायक (आचार्य)
  6. पूज्य ङवङ् ग्याल्छ़ेन
    शोध सहायक (आचार्य)
  7. श्रीमती लोब्संग चोडन
    शोध सहायक (ज्योतिष आचार्य)