पुनरुद्धार विभाग

तिब्बत में उपलब्ध प्राचीन भारतीय विज्ञान तथा साहित्य का मूल संस्कृत में पुनरुद्धार करने के उद्देश्य से शोध विभाग के एक स्वतंत्र कक्ष के रूप में पुनरुद्धार विभाग की स्थापना की गयी । इसका उद्देश्य केवल अनुसंधान के उद्देश्य से संस्कृत में लुप्त पाठों का पुनरुद्धार करना ही नहीं है, बल्कि एक लुप्त भारतीय संस्कृति का उसके मूल रूप में पुनरुज्जीवन करना है । आचार्य नागार्जुन, आर्यदेव, शान्तरक्षित, कमलशील, अतिश आदि के महत्त्वपूर्ण ग्रंथों को सर्वोच्च प्राथमिकता दी गयी है ।

किसी पाठ का संस्कृत में पुनरुद्धार करने के लिए इस विभाग के अनुसंधानकर्ता भारतीय संस्कृत विशेषज्ञों के सहयोग से कार्य करते हैं । 9वीं शताब्दी से तिब्बत में चलती आयी यह सुविख्यात परम्परा है । किसी भारतीय विशेषज्ञ के साथ काम करना हर तिब्बती अनुवादक के लिए अनिवार्य था । उसी परम्परा को जारी रखते हुए यह विभाग भी संस्कृत भाषा तथा बौद्ध दर्शन दोनों में निष्णात भारतीय विद्वानों के साथ कार्य कर रहा है ।

आज तक इस विश्वविद्यालय द्वारा पुनरुद्धार, अनुवाद तथा समालोचनात्मक संस्करणों के 60 से भी अधिक शीर्षक प्रकाशित किये हैं । इस विभाग के कुछ ग्रन्थों को उ. प्र. संस्कृत अकादमी से पुरस्कार प्राप्त हैं ।

अध्येता वृंद

  1. पूज्य ग्याल्छ़ेन नमडोल
    सहायक प्राध्यापक, प्रमुख
  2. डॉ. पेन्पा दोर्जी
    सहायक प्राध्यापक
  3. डॉ. लोब्संग दोर्जी
    शोध-सहायक
  4. Ven. Ngawang Gyaltsen
    Research Asst.

पूर्ण हो चुके प्रकल्प

  1. शीर्षक : प्रतीत्यसमुत्पादस्तुतिसुभाषितहृदयम्लेखक : जे च़ोखा पा-
    प्रकाशित
    : 1982, के. उ. ति. शि. सं. ,संशोधित संस्करण, 1994
    भाषा
    : तिब्बती, संस्कृत, हिंदी तथा अंग्रेजी,
    ग्रंथ स्वरूप : पूज्य ग्याल्छ़ेन नमडोल तथा प्रो. ङवङ् समतेन द्वारा समालोचनात्मक सम्पादन तथा संस्कृत, हिंदी और अंग्रेजी में अनुवाद।
  2. शीर्षक : भावनाक्रम
    लेखक
    : आचार्य कमलशील
    प्रकाशित
    : 1985, के. उ. ति. शि. सं., संशोधित संस्करण, 1997
    ग्रंथ का नाम
    : आचार्य कमलशील कृत भावनाक्रम
    भाषा
    : तिब्बती, संस्कृत तथा हिंदी
    ग्रंथ स्वरूप
    : अंशतः पुनरुद्धार, पूज्य ग्याल्छ़ेन नमडोल द्वारा अनुवाद तथा समालोचनात्मक संपादन ।
  3. शीर्षक : मंजुश्री
    लेखक
    : प्रा. ङवङ् समतेन
    प्रकाशित 1986, के.उ.ति.शि.सं.
    ग्रंथ का शीर्षक
    : मंजुश्री : ऐन एक्जिविशन ऑफ रेयर थङकाज़
    भाषा
    : अंग्रेजी
    ग्रंथ स्वरूप
    : सामग्री जुटाकर तैयार किया गया ।
  4. शीर्षक : धर्मसंग्रहलेखक : आचार्य नागार्जुन
    प्रकाशित
    : 1988, के. उ. ति. शि. सं.
    ग्रन्थशीर्षक
    : आचार्य नागार्जुन कृत धर्मसंग्रहः
    भाषा
    : संस्कृत तथा तिब्बती
    ग्रन्थ स्वरूप
    : पूज्य ग्याल्छेन नमडोल द्वारा संस्कृत से तिब्बती में अनूदित तथा समालोचनात्मक ढंग से सम्पादित ।
  5. शीर्षक : रत्नावली, लेखक : आचार्य नागार्जुन
    प्रकाशित
    : 1991, के. उ. ति. शि. सं.
    ग्रंथ शीर्षक
    : आचार्य नागार्जुनकृत रत्नावली तथा अजातमित्र कृत भाष्य
    भाषा
    : तिब्बती
    ग्रंथ स्वरूप
    : प्रो ङवङ् समतेन द्वारा तिब्बती संस्करण, समालोचनात्मक संपादन ।
  6. शीर्षक : रत्नावली भाष्य
    लेखक
    : आचार्य अजातमित्र
    प्रकाशित
    : 1991, के. उ. ति.शि. संस्थान
    ग्रंथ-शीर्षक
    : आचार्य नागार्जुनकृत रत्नावली तथा अजातमित्रकृत भाष्य
    भाषा
    : तिब्बती
    ग्रंथ स्वरूप
    : प्रो. ङ वङ् समतेन द्वारा तिब्बती संस्करण, समालोचनात्मक संपादन ।
  7. शीर्षक : बोधिचित्त विवरण (पद्य)
    लेखक
    : आचार्य नागार्जुन
    प्रकाशित
    : 1991 के. उ. ति. शि. सं.
    ग्रंथ शीर्षक
    : बोधिचित्तविवरण तथा बोधिचित्त भावनाकात्ता
    भाषा
    : तिब्बती तथा हिंदी
    ग्रंथ-स्वरूप
    :  पूज्य ग्याल्छ़ेन नामडोल द्वारा समालोचनात्मक सम्पादन तथा हिंदी अनुवाद ।
  8. शीर्षक : बोधिचित्त विवरण (पद्येतर)
     लेखक
    : आचार्य नागार्जुन
     प्रकाशित
    : 1991, के. उ. ति. शि. सं.
     ग्रंथ- शीर्षक
    : बोधिचित्त विवरण तथा बोधिचित्तभावना
     भाषा
    : तिब्बती तथा हिंदी
     ग्रंथ-स्वरूप
    : पूज्य ग्याल्छ़ेन नमडोल द्वारा हिंदी अनुवाद तथा समालोचनात्मक सम्पादन।
  9. शीर्षक : बोधिचित्तभावना
     लेखक
    : आचार्य कमलशील
     प्रकाशित
    : 1991, के. उ. ति. शि. सं.
     ग्रंथ-शीर्षक
    : बोधिचित्तविवरण तथा बोधिचित्तभावना
     भाषा
    : तिब्बती तथा हिंदी
     ग्रंथ-स्वरूप
    : पूज्य ग्याल्छेन नमडोल द्वारा हिंदी अनुवाद तथा समालोचनात्मक संपादन ।
  10. शीर्षक : बोधिचित्तोत्पादविधि
    लेखक : आचार्य नागार्जुन
    प्रकाशित : 1991, के. उ. ति. शि. सं.
    ग्रंथ-शीर्षक : बोधिचित्तविवरण तथा बोधिचित्तभावना
    भाषा : तिब्बती तथा हिंदी
    ग्रंथ- स्वरूप : पूज्य ग्याल्छ़ेन नमडोल द्वारा हिंदी अनुवाद तथा समालोचनात्मक संपादन
  11. शीर्षक : तर्कसोपान
    लेखक
    : आचार्य विध्यंकरशांति
    ग्रंथ-शीर्षक
    : तर्क सोपान
    भाषा
    :संस्कृत तथा तिब्बती
    ग्रंथ-स्वरूप
    : डॉ. पेन्पा दोर्जे द्वारा संस्कृत से तिब्बती में अनुदित ।
  12. शीर्षक : नीतिशतकम्
    लेखक
    : आचार्य भर्तृहरि
    प्रकाशित 1996, के. उ. ति. शि. सं.
    भाषा
    : संस्कृत, तिब्बती तथा हिंदी
    ग्रंथ-स्वरूप
    : डॉ. तेन्ज़िन धोन्यो तथा पूज्य लोब्संङ् नोर्बु शास्त्री द्वारा अनुवाद तथा समालोचनात्मक संपादन ।
  13. शीर्षक : प्रतीत्यसमुत्पादहृदय (मूल पाठ)
    लेखक
    : आचार्य नागार्जुन
    प्रकाशित
    : 1997, के. उ. ति. शि. सं.
    ग्रंथ-शीर्षक
    : प्रतीत्यसमुत्पादहृदय तथा आर्यधर्मधातुगर्भ विवरण
    भाषा
    : तिब्बती, संस्कृत तथा हिंदी
    ग्रंथ-स्वरूप
    : पूज्य ग्याल्छ़ेन नमडोल द्वारा हिंदी अनुवाद तथा समालोचनात्मक संपादन ।
  14. शीर्षक : प्रतीत्यसमुत्पादहृदय का आत्म-भाष्य
    लेखक
    : आचार्य नागार्जुन
    प्रकाशित
    : 1997, के. उ. ति. शि. सं.
    भाषा
    : तिब्बती, संस्कृत तथा हिंदी
    ग्रंथ-स्वरूप
    : पूज्य ग्याल्येन नमडोल द्वारा हिंदी अनुवाद, आंशिक संस्कृत-पुनरुद्धार तथा समालोचनात्मक संपादन ।
  15. शीर्षक : आर्यधर्मधातुगर्भविवरण
    लेखक
    : आचार्य नागार्जुन
    प्रकाशित
    :  1997, के. उ. ति. शि. सं.
    ग्रंथ-शीर्षक
    : प्रतीत्यसमुत्पादहृदय तथा आर्यधर्मधातुगर्भ विवरण
    भाषा
    : तिब्बती, संस्कृत तथा हिंदी
    ग्रंथ-स्वरूप
    : पूज्य ग्याल्छ़ेन नमडोल द्वारा पुनरुद्धार, हिंदी अनुवाद तथा समालोचनात्मक सम्पादन ।
  16. शीर्षक : बोधिसत्त्वमान्यावली
    लेखक
    : आचार्य दीपंकरश्रीज्ञान
    प्रकाशित
    : 1999, के. उ. ति. शि. सं.
    ग्रंथ-शीर्षक
    : आचार्य दीपंकरश्रीज्ञान कृत पाँच ग्रंथ
    भाषा
    : तिब्बती, संस्कृत, हिंदी तथा अँग्रेजी
    ग्रंथ-स्वरूप
    : डॉ. लोब्संग दोर्जी राब्लिङ् द्वारा संस्कृत-पुनरुद्धार, हिंदी अनुवाद, तथा समालोचनात्मक संपादन ।
  17. शीर्षक : लोक-अतीत-सप्तांगविधि
    लेखक
    : आचार्य दीपंकर-श्रीज्ञान
    प्रकाशित
    : 1999, के. उ. ति. शि. सं.
    ग्रन्थ-शीर्षक
    : आचार्य दीपंकरश्रीज्ञानकृत पाँच ग्रंथ
    भाषा
    : तिब्बती, संस्कृत, हिंदी तथा अँग्रेजी
    ग्रंथ-स्वरूप
    : डॉ. लोब्संग दोर्जी राब्लिङ् द्वारा संस्कृत-पुनरुद्धार, हिंदी तथा अँग्रेजी अनुवाद और समालोचनात्मक संपादन ।
  18. शीर्षक : संचोदन सहित-स्वकृत्य-क्रमवर्ण-संग्रह
    लेखक
    : आचार्य दीपंकरश्रीज्ञान
    प्रकशित
    : 1999, के. उ. ति. शि. सं.
    ग्रंथ-शीर्षक
    : आचार्य दीपंकरश्रीज्ञानकृत पाँच ग्रंथ
    भाषा
    : तिब्बती, संस्कृत, हिंदी तथा अँग्रेजी
    ग्रंथ-स्वरूप
    : डॉ. लोब्संग दोर्जी शाब्लिङ् द्वारा संस्कृत-पुनरुद्धार, हिंदी तथा अँग्रेजी अनुवाद और समालोचनात्मक सम्पादन ।
  19. शीर्षक : धर्मधातुदर्शनगीति
    लेखक
    : आचार्य दीपंकरश्रीज्ञान
    प्रकाशित
    : 1999, के. उ. ति. शि. सं.
    ग्रंथ-शीर्षक
    : आचार्य दीपंकरश्रीज्ञानकृत पाँच ग्रंथ
    ग्रंथ-स्वरूप
    : डॉ. लोब्संग दोर्जी राब्लिङ् द्वारा संस्कृत-पुनरुद्धार, हिंदी तथा अँग्रेजी अनुवाद और समालोचनात्मक संपादन ।
  20. शीर्षक : विमलरत्नलेखा (राजा न्यायपाल नामक घनिष्ठ मित्र के नाम एक लघु धर्म-पत्र)
    लेखक
    : आचार्य दीपंकरश्रीज्ञान
    प्रकाशित
    : 1999, के. उ. ति. शि. सं.
    ग्रंथ-शीर्षक
    : आचार्यदीपंकरश्रीज्ञानकृत पाँच ग्रंथ
    भाषा
    : तिब्बती, संस्कृत, हिंदी तथा अँग्रेजी
    ग्रंथ-स्वरूप
    : डॉ. लोब्संग दोर्जी राब्लिङ् द्वारा संस्कृत-पुनरुद्धार, हिंदी तथा अँग्रेजी अनुवाद और समालोचनात्मक सम्पादन ।
  21. शीर्षक : मध्यमकालोक
     लेखक
    : आचार्य कमलशील
     प्रकाशित
    : 2001, के. उ. ति. शि. सं.
     ग्रंथ-शीर्षक
    : आचार्य कमलशीलकृत मध्यमकालोक
     भाषा
    : तिब्बती तथा संस्कृत
     ग्रंथ- स्वरूप
    : डॉ. पेन्पा दोर्जे द्वारा संस्कृत-पुनरुद्धार तथा समालोचनात्मक सम्पादन  ।
  22. शीर्षक : आर्यत्रिस्कंधसूत्र
    लेखक
    : बुद्ध
    प्रकाशित
    : 2001, के. उ. ति. शि. सं.
    ग्रंथ-शीर्षक
    : आर्यत्रिस्कंधसूत्र और उसके तीन भाष्य
    भाषा
    : तिब्बती, संस्कृत तथा हिंदी
    ग्रंथ-स्वरूप
    : डॉ. लोब्संग दोर्जी राब्लिङ् द्वारा हिंदी अनुवाद तथा समालोचनात्मक सम्पादन ।
  23. शीर्षक : बोध्यापत्तिदेशनावृत्ति
    लेखक
    : आचार्य नागार्जुन
    प्रकाशित
    : 2001, के. उ. ति. शि. सं.
    ग्रन्थ-शीर्षक
    : आर्यत्रिस्कंधसूत्र और उसके तीन भाष्य
    भाषा
    : तिब्बती, संस्कृत तथा हिंदी
    ग्रंथ-स्वरूप
    : डॉ. लोब्संग दोर्जी राब्लिङ् द्वारा संस्कृत-पुनरुद्धार, हिंदी अनुवाद तथा समालोचनात्मक संपादन ।
  24. शीर्षक : बोध्यापत्तिदेशनावृत्तिबोधिसत्त्वशिक्षाक्रम
    लेखक
    : आचार्य जेतारि
    प्रकाशित
    : 2001, के.उ.ति.शि. सं.
    ग्रंथ-शीर्षक
    : आर्यत्रिस्कंधसूत्रम् तथा उसके तीन भाष्य
    भाषा
    : तिब्बती, संस्कृत तथा हिंदी
    ग्रंथ-स्वरूप
    : डॉ. लोब्संग दोर्जी राब्लिङ् द्वारा संस्कृत-पुनरुद्धार, हिंदी अनुवाद तथा समालोचनात्मक तिब्बती संस्करण का संपादन ।
  25. शीर्षक : क्रमआवरणविशोधन-विधिनाम-भाष्यम्
    लेखक
    : आचार्य दीपंकरश्रीज्ञान
    प्रकाशित
    : 2001, के.उ.ति.शि.सं.
    ग्रंथ-शीर्षक
    : आर्यत्रिस्कंधसूत्रम् तथा उसके तीन भाष्य
    भाषा
    : तिब्बती, संस्कृत, तथा हिंदी
    ग्रंथ-स्वरूप
    : डॉ. लोब्सङ् दोर्जी राब्लिंङ् द्वारा संस्कृत पुनरुद्धार तथा हिंदी अनुवाद और समालोचनात्मक सम्पादन ।
  26. शीर्षक : सामान्य प्रतिदेशना
    लेखक
    : आचार्य अश्वघोष
    प्रकाशित
    : 2001, के. उ. ति. शि. सं.
    ग्रंथ-शीर्षक
    : आर्यत्रिस्कंधसूत्र तथा उसके तीन भाष्य
    भाषा
    : तिब्बती, संस्कृत तथा हिंदी
    ग्रंथ-स्वरूप
    : लोब्संग दोर्जी राब्लिङ् द्वारा संस्कृत-पुनरुद्धार, तिब्बती तथा हिंदी अनुवाद और समालोचनात्मक संपादन ।
  27. शीर्षक : लोकातीतस्तव
    लेखक
    : आचार्य नागार्जुन
    प्रकाशित
    : 2001, के. उ. ति. शि. सं.
    ग्रंथ-शीर्षक
    : आचार्य नागार्जुनकृत चतुस्तवः
    भाषा
    : तिब्बती, संस्कृत तथा हिंदी
    ग्रंथ-स्वरूप
    : पूज्य ग्याल्छ़ेन नमडोल द्वारा हिंदी अनुवाद तथा समालोचनात्मक सम्पादन ।
  28. शीर्षक : निरुपम्यस्तव
    लेखक
    : आचार्य नागार्जुन
    प्रकाशित
    : 2001, के. उ. ति. शि. सं.
    ग्रंथ-शीर्षक
    : आचार्य नागार्जुनकृत चतुःस्तव:
    भाषा
    तिब्बती, संस्कृत तथा हिंदी
    ग्रंथ-स्वरूप
    : पूज्य ग्याल्छ़ेन नमडोल द्वारा हिंदी अनुवाद तथा समालोचनात्मक संपादन ।
  29. शीर्षक : अचिंत्यस्तव
    लेखक
    : आचार्य नागार्जुन
    प्रकाशित
    : 2001, के. उ. ति. शि. सं.
    ग्रंथ-शीर्षक
    : आचार्य नागार्जुनकृत चतुःस्तवः
    भाषा
    : तिब्बती, संस्कृत तथा हिंदी
    ग्रंथ-स्वरूप
    : पूज्य ग्याल्छ़ेन नमडोल द्वारा हिंदी अनुवाद तथा समालोचनात्मक संपादन ।
  30. शीर्षक : परमार्थस्तव
    लेखक
    : आचार्य नागार्जुन
    प्रकाशन
    : 2001, के. उ. ति. शि. सं.
    ग्रंथ-शीर्षक
    : आचार्य नागार्जुनकृत चतुःस्तव:
    भाषा
    : तिब्बती, संस्कृत तथा हिंदी
    ग्रंथ-स्वरूप
    : पूज्य ग्याल्छ़ेन नामडोल द्वारा हिंदी अनुवाद तथा समालोचनात्मक संपादन ।
  31. शीर्षक : स्तुत्यतीतस्तव
    लेखक
    : आचार्य नागार्जुन
    प्रकाशित
    : 2001, के. उ. ति. शि. सं.
    ग्रंथ-शीर्षक
    : आचार्य नागार्जुनकृत चतुःस्तवः
    भाषा
    : तिब्बती, संस्कृत तथा हिंदी
    ग्रंथ-स्वरूप
    : पूज्य ग्याल्छ़ेन नमडोल द्वारा संस्कृत तथा हिंदी समालोचनात्मक संपादन ।
  32. शीर्षक : आर्यसागर-नागराज- परिपृच्छासूत्र (लघु)
    लेखक
    : ***
    प्रकाशित
    : 2004, के. उ. ति. शि. सं.
    ग्रंथ-शीर्षक
    : चतुर्धर्मोनसूत्र
    भाषा
    : तिब्बती, संस्कृत तथा हिंदी
    ग्रंथ-स्वरूप
    : पूज्य ग्याल्छ़ेन नामडोल द्वारा संस्कृत पुनरुद्धार तथा हिंदी अनुवाद और समालोचनात्मक संपादन
  33. शीर्षक : ऐन् अनलिसिस ऑन चतुर्धर्मोनसूत्र
    लेखक
    : पूज्य ग्याल्छ़ेन नमडोल
    प्रकाशित
    : 2004, के. उ. ति. शि. सं.
    ग्रंथ-शीर्षक
    : चतुर्धर्मोड्डानसूत्र
    भाषा
    : तिब्बती, संस्कृत तथा हिंदी
    ग्रंथ स्वरूप
    : चार धर्म-मुद्राओं पर पूज्य ग्याल्छ़ेन नमडोल द्वारा सामुदायिक अनुसंधान कार्य,
  34. शीर्षक : सम्ये-विवाद
    लेखक
    : डॉ. पेन्पा दोर्जी
    प्रकाशित
    : 2005, के. उ. ति. शि. सं.
    ग्रंथ-शीर्षक
    : ऐन्  अनलिटिकल् स्टडी ऑन सम्ये (विवाद)
    भाषा
    : तिब्बती
    ग्रंथ-स्वरूप
    : तिब्बती तथा चीनी बौद्ध दर्शन पर पूर्वकालीन विवाद पर डॉ. पेन्पा दोर्जी द्वारा शोध-प्रबंध ।
  35. शीर्षक : सर्वप्रज्ञानता पारमिता-सिद्ध-चैत्य-नाम-धारणी
    लेखक
    : ***
    प्रकाशित
    : 2006, के. उ. ति. शि. सं.
    ग्रंथ-शीर्षक
    : चैत्य-संचकयोर्निर्माण विधि-संग्रह:
    भाषा
    : तिब्बती, संस्कृत तथा हिंदी
    ग्रंथ-स्वरूप
    : डॉ. लोब्सङ् दोर्जी राब्लिङ् द्वारा पुनरुद्धार, अनुवाद तथा समालोचनात्मक सम्पादन ।
  36. शीर्षक : पारमिता-संचक-निर्माण-विधि
    लेखक : आचार्य दीपंकरश्रीज्ञान
    प्रकाशित
    : 2006, के. उ. ति. शि. सं.
    ग्रंथ-शीर्षक
    : चैत्य-संचकयोर्निर्माण-विधि-संग्रह
    भाषा : तिब्बती, संस्कृत तथा हिंदी
    ग्रंथ-स्वरूप
    : डॉ. लोब्सङ् दोर्जी राब्लिङ् द्वारा पुनरुद्धार, अनुवाद तथा समालोचनात्मक संपादन ।
  37. शीर्षक : संचक-निर्माण-विधि
    लेखक
    : आचार्य अद्वयवज्र
    प्रकाशित
    : 2006, के. उ. ति. शि. सं.
    भाषा
    : तिब्बती, संस्कृत तथा हिंदी
    ग्रंथ-शीर्षक
    : चैत्य-संचकयोर्निर्माणविधि-संग्रहः
    ग्रंथ-स्वरूप
    : डॉ. लोब्संग दोर्जी राब्लिङ् द्वारा पुनरुद्धा, अनुवाद तथा समारलोचनात्मक सम्पादन ।
  38. शीर्षक : वज्रसूची
    लेखक
    : आचार्य अश्वघोष
    प्रकाशित
    : 2006, के. उ. ति. शि. सं. आचार्य अश्वघोषकृत वज्रसूची
    भाषा
    :  संस्कृत, तिब्बती, पालि, हिंदी तथा अँग्रेजी
    ग्रंथ-स्वरूप
    : पूज्य लोब्संग नोर्बु शास्त्री तथा डॉ. लोब्सङ दोर्जी राब्लिङ् द्वारा संस्कृत से तिब्बती में अनुवाद तथा समालोचनात्मक संपादन ।
  39. शीर्षक : वज्रसूचयोपनिषद
    लेखक
    : आचार्य शंकर
    प्रकाशित
    : 2006, के. उ. ति. शि. सं.
    ग्रंथ-शीर्षक
    : आचार्य अश्वघोषकृत वज्रसूची
    भाषा
    : तिब्बती तथा पालि
    ग्रंथ-स्वरूप
    : पूज्य लोब्सङ नोर्बु शास्त्री तथा डॉ. लोब्सङ् दोर्जी राब्लिङ् द्वारा संस्कृत से तिब्बती में अनुवाद तथा समालोचनात्मक सम्पादन।
  40. शीर्षक : वसेठ्ठसुत्त
    लेखक
    : ***
    प्रकाशित
    : 2006, के. उ. ति. शि. सं.
    ग्रंथ-शीर्षक
    :  आचार्य अश्वघोषकृत वज्रसूची
    भाषा
    : तिब्बती तथा पालि
    ग्रंथ-स्वरूप
    : पूज्य लोब्सङ् नोर्बु शास्त्री तथा डॉ. लोब्सङ् दोर्जी नामडोल द्वारा संस्कृत से तिब्बती में अनुवाद तथा समालोचनात्मक संपादन ।
  41. शीर्षक : ज्ञानसारसमुच्चय
    लेखक
    : आचार्य आर्यदेव
    प्रकाशित
    : 2008, के. ति.अ.वि.
    ग्रंथ-शीर्षक
    : आचार्य आर्यदेवकृत ज्ञानसारसमुच्चय, आचार्य बोधिभद्र के भाष्य समेत
    भाषा
    : तिब्बती, संस्कृत तथा हिंदी
    ग्रंथ-स्वरूप
    : डॉ. पेन्पा दोर्जी द्वारा पुनरुद्धार, अनुवाद तथा समालोचनात्मक संपादन ।
  42. शीर्षक : ज्ञानसारसमुच्चय-नाम-निबंधन
    लेखक
    : आचार्य बोधिभद्र, के. ति. अ. वि.
    प्रकाशित
    : 2008
    ग्रंथ-शीर्षक : आचार्य आर्यदेवकृत ज्ञानसारसमुच्चय, आचार्य बोधिभद्र के भाष्य समेत ।
    ग्रंथ-स्वरूप
    : डॉ. पेन्पा दोर्जी द्वारा संस्कृत पुनरुद्धार, हिंदी अनुवाद, तथा समालोचनात्मक संपादन ।
  43. शीर्षक : धर्मचक्रप्रवर्तनसूत्र (थेरवाद संप्रदाय)
    लेखक
    : *** के.ति.अ.वि. प्रकाशित : 2008
    ग्रंथ-शीर्षक
    : तीन बौद्ध संप्रदायों का धर्मचक्रप्रवर्तनसूत्र तथा थेरवाद परंपरा के तीन सुत्त ।
    भाषा
    : तिब्बती, संस्कृत, पालि तथा हिंदी
    ग्रंथ-स्वरूप
    : डॉ. लोब्सङ् दोर्जी राब्सिङ् द्वारा पालि से तिब्बती तथा हिंदी अनुवाद, और समालोचनात्मक संपादन ।
  44. शीर्षक : धर्मचक्रप्रवर्तनसूत्र (मूलसर्वास्तिवाद संप्रदाय)
    लेखक
    : *** प्रकाशित 2008 के. ति. अ. वि.
    ग्रंथ-शीर्षक
    : तीन बौद्ध संप्रदायों का धर्म चक्रप्रवर्तन सूत्र थेरवाद परम्परा के तीन सुत्त
    भाषा
    : तिब्बती, संस्कृत, पालि तथा हिंदी,
    ग्रंथ-स्वरूप
    डॉ. लोब्सङ् दोर्जी राब्लिङ् द्वारा हिंदी अनुवाद तथा समालोचनात्मक संपादन ।
  45. शीर्षक : धर्मचक्रप्रवर्तनसूत्र (महासंघिक संप्रदाय)
    लेखक
    : ***
    प्रकाशित : 2008, के. ति. अ.वि.
    ग्रंथ-शीर्षक
    : तीन बौद्ध संप्रदायों का धर्मचक्रप्रवर्तनसूत्र तथा थेरवाद परम्परा के तीन सुत्त
    भाषा
    : तिब्बती, संस्कृत, पालि तथा हिंदी
    ग्रंथ-स्वरूप
    : डॉ. लोब्सङ् दोर्जी राब्लिंग द्वारा पालि से तिब्बती तथा हिंदी अनुवाद और समालोचनात्मक संपादन ।
  46. शीर्षक : वज्रसुत्त
    लेखक
    : ***
    प्रकाशित
    : 2008, के.ति.अ.वि.
    ग्रंथ-शीर्षक
    : तीन बौद्ध संप्रदायों का धर्मचक्र प्रवर्तनसूत्र तथा थेरवाद परम्परा के तीन सुत्त
    भाषा
    : तिब्बती, संस्कृत, पालि तथा हिंदी
    ग्रंथ-स्वरूप
    : डॉ. लोब्संग दोर्जी राब्लिङ् द्वारा पालि से तिब्बती तथा हिंदी अनुवाद और  समालोचनात्मक संपादन ।  
  47. शीर्षक : भार सुत्त
    लेखक
    : ***
    प्रकाशित
    : 2008, के.ति.अ.वि.
    ग्रंथ-शीर्षक
    : तीन बौद्ध संप्रदायों का धर्मचक्रप्रवर्तनसूत्र तथा थेरवाद परम्परा के तीन सुत्त ।
    भाषा
    : तिब्बती, संस्कृत, पालि तथा हिंदी
    ग्रंथ-स्वरूप
    : डॉ. लोब्संग दोर्जी राब्लिङ् द्वारा पालि से तिब्बती तथा हिंदी अनुवाद और समालोचनात्मक सम्पादन ।
  48. शीर्षक : फेनपिंडोपम सुत्त
    लेखक
    : ***
    प्रकाशित
    : 2008, के.ति.अ.वि.
    ग्रंथ-शीर्षक
    : तीन बौद्धसंप्रदायों का धर्मचक्रप्रवर्तनसूत्र तथा थेरवाद परम्परा के तीन सुत्त
    भाषा
    : तिब्बती, संस्कृत, पालि तथा हिंदी ।
    ग्रंथ-स्वरूप
    : डॉ. लोब्संग दोर्जी राब्लिंग द्वारा पालि से तिब्बती तथा हिंदी अनुवाद और समालोचनात्मक संपादन ।
  49. शीर्षक : पिंडीक्रम
    लेखक : आचार्य नागार्जुन
    प्रकाशित
    : 2010, के.ति.अ.वि.
    ग्रंथ-शीर्षक
    : पिंडीक्रम तथा पंचक्रम
    भाषा
    : तिब्बती
    ग्रंथ-स्वरूप
    : पूज्य ग्याल्छ़ेन नमडोल द्वारा तिब्बती संस्करण का विस्तृत प्रस्तावना के साथ समालोचनात्मक संपादन ।
  50. शीर्षक : पंचक्रम
    लेखक
    : आचार्य नागार्जुन
    प्रकाशित
    : 2010, के.ति.अ.वि.
    ग्रंथ-शीर्षक
    : पिंडीक्रम तथा पंचक्रम,
    भाषा
    : तिब्बती,
    ग्रंथ-स्वरूप
    : पूज्य ग्याल्छ़ेन नमडोल द्वारा विस्तृत प्रस्तावना के साथ तिब्बती संस्करण का समालोचनात्मक संपादन ।
  51. शीर्षक : न्याय बिंदु
    लेखक
    : आचार्य धर्मकीर्ति,
    प्रकाशित
    : 2011, के. ति.अ.वि.
    ग्रंथ-शीर्षक
    : आचार्य धर्मकीर्तिकृत न्यायबिंदु, धर्मोत्तर के भाष्य समेत ।
    भाषा
    : तिब्बती, संस्कृत तथा हिंदी
    ग्रंथ-स्वरूप
    : डॉ. लोब्संग दोर्जी राब्लिंग तथा श्री टी. आर. शाशनी द्वारा समालोचनात्मक संपादन ।
  52. शीर्षक : न्यायबिन्दुटीका
    लेखक
    : आचार्य धर्मोत्तर
    प्रकाशित
    : 2011, के.ति.अ.वि.
    ग्रंथ-शीर्षक
    : आचार्य धर्मकीर्तिकृत न्यायबिंदु, धर्मोत्तर के भाष्य समेत,
    भाषा
    : तिब्बती, संस्कृत तथा हिंदी,
    ग्रंथ-स्वरूप
    : डॉ. लोब्संग दोर्जी राब्लिङ् तथा श्री टी. आर. शाशनी द्वारा समालोचनात्मक संपादन ।
  53. शीर्षक : मध्यव्युत्पत्तिः टिप्पणियों समेत शब्दकोश,
    लेखक
    : भारतीय पंडितों तथा तिब्बती अनुवादकों द्वारा संकलित,
    प्रकाशित
    : 2011, के.ति.अ.वि.,
    ग्रंथ-शीर्षक
    : मध्यव्युत्पत्ति,
    भाषा
    : तिब्बती तथा संस्कृत,
    ग्रंथ-स्वरूप
    : डॉ. पेन्पा दोर्जी द्वारा समालोचनात्मक संपादन ।

चल रहे प्रकल्प

  1. शीर्षक : धर्मधातुस्तव
    लेखक
    : आचार्य नागार्जुन
    ग्रंथ-शीर्षक
    : आचार्य नागार्जुन कृत धर्मधातुस्तव
    भाषा
    : संस्कृत, तिब्बती, हिंदी तथा अंग्रेजी
    ग्रंथ-स्वरूप
    : डॉ. लोब्संग दोर्जी राब्लिङ् द्वारा पुनरुद्धार, अनुवाद तथा समालोचनात्मक संपादन ।
  2. शीर्षक : बोधपथप्रदीप पंजिका
    लेखक
    : आचार्य दीपंकरश्रीज्ञान
    भाषा
    : तिब्बती, संस्कृत तथा हिंदी
    ग्रंथस्वरूप
    : डॉ. लोब्संग दोर्जी राब्लिङ् तथा डॉ. पेमा तेन्ज़िन द्वारा पुनरुद्धार, अनुवाद तथा समालोचनात्मक संपादन ।
  3. शीर्षक : युक्तिषष्टिका कारिका (मूलपाठ)
    लेखक
    : आचार्य नागार्जुन
    ग्रंथ-शीर्षक
    : युक्तिषष्टिका तथा उसका भाष्य
    भाषा
    : तिब्बती, संस्कृत अँग्रेजी तथा हिंदी
    ग्रंथ-स्वरूप
    : डॉ. लोब्संग दोर्जी आदि द्वारा पुनरुद्धार, अनुवाद तथा समालोचनात्मक संपादन ।
  4. शीर्षक : युक्तिषष्टिका भाष्य
    लेखक
    : आचार्य चंद्रकीर्ति
    ग्रंथ-शीर्षक
    : युक्षष्टिका तथा उसका भाष्य
    भाषा
    : तिब्बती, संस्कृत, अँग्रेजी तथा हिंदी
    ग्रंथ-स्वरूप
    : डॉ. लोब्संग दोर्जी आदि द्वार पुनरुद्धार, अनुवाद तथा समालोचनात्मक संपादन ।
  5. शीर्षक : लाम् रिम चेन् मो भाग-2
    लेखक
    : जे च़ोंखा पा
    भाषा
    : तिब्बती तथा हिंदी
    ग्रंथ-स्वरूप
    : पूज्य ग्याल्छ़ेन नमडोल द्वारा तिब्बती पाठ का हिंदी अनुवाद तथा समालोचनात्मक संपादन ।
  6. शीर्षक : प्रतीत्यसमुत्पाद स्तुति टीका
    लेखक
    : चाङ्क्य रोल्पई दोर्जी
    भाषा
    : तिब्बती तथा हिंदी
    ग्रंथ-स्वरूप
    : पूज्य ग्याल्छ़ेन नडोल द्वारा हिंदी अनुवाद तथा समालोचनात्मक संपादन ।
  7. शीर्षक : रत्नकरंडक-उद्घटे नाम- महायान-उपदेश
    लेखक
    : आचार्य दीपंकरश्रीज्ञान
    भाषा
    : संस्कृत, हिंदी तथा तिब्बती
    ग्रंथ-स्वरूप
    : डॉ. पेन्पा दोर्जी द्वारा पुनरुद्धार, अनुवाद, समालोचनात्मक संपादन।
  8. शीर्षक : महाव्युत्पत्ति (संस्कृत-तिब्बती शब्दकोश)
    लेखक
    : 9वीं शताब्दी में भारतीय पंडितों तथा तिब्बती अनुवादकों द्वारा संकलित
    भाषा
    : संस्कृत तथा तिब्बती
    ग्रंथ-स्वरूप
    : डॉ. पेन्पा दोर्जी द्वारा शब्दसूचियों के साथ समालोचनात्मक संपादन ।
  9. शीर्षक : रत्नगोत्र-विभंग-महायानोत्तरतंत्रशास्त्र
    लेखक
    : आचार्य असंग
    भाषा
    : संस्कृत तथा तिब्बती
    ग्रंथ-स्वरूप
    : डॉ. पेन्पा दोर्जी द्वारा संस्कृत तथा तिब्बती पाठ का समालोचनात्मक सम्पादन ।
  10. शीर्षक : मध्यमक-रत्न-प्रदीप
     लेखक
    : आचार्य भव्य
    भाषा
    : हिंदी तथा तिब्बती
    ग्रंथ-स्वरूप
    : पूज्य ग्याल्छ़ेन नमडोल द्वारा तिब्बती पाठ का समालोचनात्मक संपादन तथा हिंदी अनुवाद ।

भावी प्रकल्प

  1. शीर्षक : सुवर्णमाल (अभिसमयालंकार पर एक बृहत् टीका)
    लेखक
    : जे च़ोंखापा
    भाषा
    : तिब्बती
    ग्रंथ-स्वरूप
    : डॉ. लोब्संग दोर्जी राब्लिंग द्वारा तिब्बती पाठ का समालोचनात्मक सम्पादन ।
  2. शीर्षक : अभिधर्मसमुच्चय
    लेखक
    : आचार्य असंग
    भाषा
    : संस्कृत तथा तिब्बती
    ग्रन्थ-स्वरूप
    : डॉ. लोब्संग द्वारा तिब्बती तथा संस्कृत पाठ का समालोचनात्मक संपादन ।
  3. शीर्षक : मध्यमक-रत्न-प्रदीप
    लेखक
    : आचार्य भव्य
    भाषा
    : तिब्बती तथा हिंदी
    ग्रंथ-स्वरूप
    : पूज्य ग्याल्छ़ेन नमडोल द्वारा हिंदी अनुवाद तथा समालोचनात्मक संपादन।
  4. Tशीर्षक : श्रीगुह्यसमाज-महायोग-तंत्रोत्पत्ति-क्रम-साधना-सूत्र-मेल पकोग
    लेखक
    : आचार्य नागार्जुन
    भाषा
    : संस्कृत तथा तिब्बती
    ग्रंथ-स्वरूप
    : पूज्य ग्याल्छ़ेन नमडोल द्वारा पुनरुद्धार, अनुवाद तथा समालोचनात्मक संपादन ।
  5. शीर्षक : मध्यमकार्यसंग्रह
    लेखक
    : आचार्य भव्य
    भाषा
    : संस्कृत तथा तिब्बती
    ग्रंथ-स्वरूप
    : डॉ. पेन्पा दोर्जी द्वारा पुनरुद्धार, अनुवाद तथा समालोचनात्मक संपादन ।

धीः पत्रिका में प्रकाशित लघु पाठों की सूची

  1. शीर्षक : चतुर्धर्मोद्दानसूत्र
    लेखक
    : ***
    प्रकाशित
    : 2002, धीःपत्रिका, 34,
    भाषा
    : तिब्बती, संस्कृत तथा हिंदी
    ग्रंथ-स्वरूप
    : पूज्य ग्यालछ़ेन नमडोल द्वारा पुनरुद्धार, अनुवाद तथा समालोचनात्मक संपादन ।
  2. शीर्षक : आर्यचतुर्धर्मनिदेश सूत्र
    लेखक
    : ***
    प्रकाशित : 2003 के.उ.ति.शि.सं., धीःपत्रिका 35,
    भाषा
    : तिब्बती, संस्कृत तथा हिंदी
    ग्रंथ-स्वरूप
    : पूज्य ग्याल्छ़ेन नमडोल द्वारा अंशतः पुनरुद्धार, अनुवाद तथा समालोचनात्मक संपादन ।
  3. शीर्षक : बोधिचित्तोत्पाद-विधि
    लेखक
    : आचार्य नागार्जुन
    प्रकाशित
    : 2003, के. उ. ति.शि.सं., धीः पत्रिका, 36,
    भाषा
    : तिब्बती तथा हिंदी
    ग्रंथ-स्वरूप
    : पूज्य ग्याल्छ़ेन नमडोल द्वारा संक्षिप्त प्रस्तावना के साथ हिंदी अनुवाद ।
  4. शीर्षक : आर्य-त्रिरत्नानुस्मृति-सूत्र
    लेखक
    : ***
    प्रकाशित
    : 2004, के. उ. ति. शि. सं., धीः पत्रिका, 37
    भाषा
    : तिब्बती, संस्कृत तथा हिंदी
    ग्रंथ-स्वरूप
    : पूज्य ग्याल्छ़ेन नमडोल द्वारा पुनरुद्धार, अनुवाद तथा समालोचनात्मक संपादन ।
  5. शीर्षक : त्रिरत्न-स्तोत्र
    लेखक
    : आचार्य मातृचेट
    प्रकाशित
    : 2004, के.उ.ति.शि.सं., धीःपत्रिका, 38
    भाषा
    : तिब्बती, संस्कृत तथा हिंदी
    ग्रंथ-स्वरूप
    : पूज्य ग्यालछ़ेन नमडोल द्वारा पुनरुद्धार, अनुवाद तथा समालोचनात्मक सम्पादन ।
  6. शीर्षक : त्रिकाय-स्तोत्र
    लेखक
    : आचार्य नागार्जुन
    प्रकाशित
    : 2005, के.उ.ति.शि.सं., धीः पत्रिका, 39
    भाषा
    : तिब्बती, संस्कृत तथा हिंदी
    ग्रंथ-स्वरूप
    : पूज्य ग्याल्छ़ेन नमडोल द्वारा हिंदी अनुवाद तथा समालोचनात्मक संपादन ।
  7. शीर्षक : त्रिमंगल-गाथा
    लेखक
    : आचार्य नागार्जुन
    प्रकाशित
    : 2005, के.उ.ति.शि.सं.,धीः पत्रिका, 40
    भाषा
    : तिब्बती, संस्कृत तथा हिंदी
    ग्रंथ-स्वरूप
    : पूज्य ग्याल्छ़ेन नमडोल द्वारा हिंदी अनुवाद तथा समालोचनात्मक संपादन ।
  8. शीर्षक : मूलमध्यमक-कारिका-वृत्ति प्रसन्नपदा की पुष्पिका
    लेखक
    : आचार्य चंद्रकीर्ति
    प्रकाशित
    : 2006, के.उ.ति.शि.सं., धीःपत्रिका, 41
    भाषा
    : तिब्बती, संस्कृत तथा हिंदी
    ग्रंथ-स्वरूप
    : पूज्य ग्याल्छ़ेन नमडोल द्वारा हिंदी अनुवाद तथा समालोचनात्मक संपादन ।
  9. शीर्षक : परम-क्षेत्र-द्वरोद्घाटन-नामक-सुखावती-क्षेत्र-जन्मग्रहण-प्रणिधान
    लेखक
    : जे च़ोंख पा
    प्रकाशित
    : 2006, के.उ.ति.शि.सं., धीःपत्रिका, 42
    भाषा
    : हिंदी
    ग्रंथ-स्वरूप
    : पूज्य ग्याल्छ़ेन नमडोल द्वारा संक्षिप्त प्रस्तवना के साथ हिंदी अनुवाद ।
  10. शीर्षक : उत्तम-उद्देश्य-नामक-संक्षिप्त-स्वावदान
    लेखक
    : जे. च़ोंखापा
    प्रकाशित
    : 2007, के.उ.ति.शि.सं., धीःपत्रिका, 44,
    भाषा
    : हिंदी
    ग्रंथ-स्वरूप
    : पूज्य ग्याल्छ़ेन नमडोल द्वारा संक्षिप्त प्रस्तावना के साथ हिंदी अनुवाद ।
  11. शीर्षक : हृदय-अर्थत्रय
    लेखक
    : आचार्य मैत्रीयोगी
    प्रकाशित
    : 2008, के.उ.ति.शि.सं., धीःपत्रिका, 45
    भाषा
    : तिब्बती तथा हिंदी
    ग्रंथ-स्वरूप
    : पूज्य ग्याल्छ़ेन नडोल द्वारा संक्षिप्त प्रस्तावना के साथ हिंदी अनुवाद ।
  12. शीर्षक : भट्टारक च़ोंखापा सुमतिकीर्ति का संक्षिप्त स्वभावाभिधान
    लेखक
    : तग्शांग लोझावा
    प्रकाशित
    : 2009, के. उ. ति. शि. सं., धीःपत्रिका, 47
    भाषा
    : तिब्बती तथा हिंदी
    ग्रंथ-स्वरूप
    : पूज्य ग्याल्छ़ेन नमडोल द्वारा हिंदी अनुवाद तथा समालोचनात्मक सम्पादन ।
  13. शीर्षक : गुह्यसमाज-प्रणिधान
    लेखक
    : जेच़ोखापा प्रकाशित, : 2009, के. ति. अ.वि. धीः पत्रिका, 48
    भाषा
    : तिब्बती तथी हिंदी
    ग्रंथ-स्वरूप
    : पूज्य ग्याल्छ़ेन नमडोल द्वारा हिंदी अनुवाद तथा समालोचनात्मक संपादन ।
  14. शीर्षक : भावनायोगावतार
    लेखक
    : आचार्य कमलशील
    प्रकाशित
    : 2009, के.ति.अ.वि., धीः पत्रिका, 48
    भाषा
    : तिब्बती, संस्कृत तथा हिंदी
    ग्रंथ-स्वरूप
    : पुनरुद्धार तथा अनुवाद विभाग द्वारा संयुक्ततिरी से संस्कृत-पुनरुद्धार, हिंदी अनुवाद, तथा समालोचनात्मक सम्पादन ।
  15. शीर्षक : शमथ-विपश्यना के दुःस्थलों पर जिनभिप्राय-अविपरीत-भाष्य
    लेखक
    : जे. च़ोंखापा
    प्रकाशित
    : 2010, के.ति.अ.वि., धीःपत्रिका, 49
    भाषा
    : तिब्बतीः तथा हिंदी
    ग्रंथ-स्वरूप
    : पूज्य ग्याल्छ़ेन नमडोल द्वारा हिंदी अनुवाद तथा समालोचनात्मक सम्पादन ।
  16. शीर्षक : श्री ज्ञानगुण-फल-नामक-आर्यमंजुश्रीस्तु
    लेखक
    : आचार्य वज्रायुद
    प्रकाशित
    : 2010, कें.ति.अ.वि., धीःपत्रिका, 50
    भाषा
    : तिब्बती तथा हिंदी
    ग्रंथ-स्वरूप
    : पूज्य ग्याल्छ़ेन नमडोल द्वारा हिंदी अनुवाद तथा समालोचनात्मक सम्पादन ।