ग्रंथालय - अवाप्ति अनुभाग

 

शांतरक्षित ग्रंथालय

अवाप्ति एंव तकनीकी अनुभाग

 

ग्रन्थालय की अवप्ति नीति तथा विद्वान् एवं अध्यापकों की माँग के अनुसार क्रय किये गये ग्रंथों की अवाप्ति, परिग्रहण एवं तकनीकी प्रक्रिया का उत्तरदायित्व ग्रंथालय के अवाप्ति तथा तकनीकी अनुभाग का है। ग्रंथालय की अवाप्ति-नीति के अनुरूप ग्रंथ आपूर्तिकताओं द्वारा प्रस्तुत नवीन प्रकाशनों को प्राप्त, क्रय - अनुशंसा हेतु पुस्तक – चुनाव समिति की बैठक आयोजन करना तथा सम्पूर्ण पारदर्शी क्रय प्रक्रिया का अनुपालन करना अवाप्ति अनुभाग का दायित्व है । तिब्बती भाषा के अतिरिक्त अन्य सभी भाषाओं के मुद्रित ग्रंथों का कोलन क्लासिफिकेशन के छठे संस्करण के अनुसार विषय – वर्गीकरण तथा ग्रंथों के सूचीकरण के लिए ए.ए.सी.आर.-2 का अनुसरण कर ग्रंथों की सम्पूर्ण प्रक्रिया स्लिम नामक साफ्टवेयर में पूर्ण की जाती है।

ग्रंथ अवाप्ति नीति

  1. भोट भाषा में प्रकाशित सभी विषयों के ग्रंथ।

  2. बौद्ध-विद्याओं, तिब्बत-विद्याओं, दर्शन, धर्म, संस्कृति, इतिहास, भूगोल, कला, मानव-वंश-शास्त्र तथा तिब्बत-विद्या
    और बौद्ध-विद्याओं से प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष रूप से जुड़े अन्य संबद्ध विषयों पर किसी भी भाषा में प्रकाशित ग्रंथ ।

  3. हिमालय-विद्या, भारत-विद्या, मंगोलियन-विद्या, चीन-विद्या इन विषयों पर अँग्रेजी, हिंदी तथा अन्य संबद्ध भाषाओं
     में ग्रंथ ।

  4. संस्कृत भाषा तथा साहित्य के ग्रंथ ।

  5. महत्त्वपूर्ण संदर्भ सामग्री तथा लोकप्रिय पुस्तकें ।

  6. ग्रंथालय-शास्त्र तथा सूचना-शास्त्र से संबद्ध ग्रंथ ।

  7. विश्वविद्यालय के पाठ्य-क्रम के अनुसार शैक्षिक पाठयक्रम सामग्री का क्रय ।

शांतरक्षित ग्रंथालय का तकनीकी विभाग मुद्रित तथा अमुद्रित प्रलेखों (तिब्बती भाषा के अतिरिक्त) के तकनीकी प्रक्रिया के लिए उत्तरदायी है । डॉ. एस. आर. रंगनाथन की कोलन क्लासिफिकेशन, छठां संस्करण का मुद्रित प्रलेखों के वर्गीकरण में प्रयोग किया जाता है तथा सभी प्रकार के प्रलेखों के सूचीकरण के लिए लाइब्रेरी डेटाबेस के लिए स्लिम सॉफ्टवेयर का इस्तेमाल करके एएसीआर-2 का प्रयोग करता है । तिब्बती, देवनागरी तथा रोमन लिपियों में ग्रंथसूची संबंधी विवरण देनेवाला बहुभाषिक लाइब्रेरी डेटाबेस विश्वविद्यालय के नेटवर्क पर तथा विश्वविद्यालय के वेबसाइट पर उपलब्ध है ।

इस विभाग द्वारा किये जानेवाले कार्य तथा दी जानेवाली सेवाएँ

  1. संग्रह अभिवृद्धि नीति तथा विश्वविद्यालय के विद्वानों की सिफारिशें- इन दोनों के आधार पर ग्रंथालय संग्रह का
     समृद्ध बनाना ।
  2. माँग के अनुसार प्रलेखों को जल्द से जल्द उपलब्ध कराना ।
  3. माँग के अनुसार प्रलेखों का द्रुत गति से तकनीकी प्रोसेसिंग ।
  4. नये आगमनों का साप्ताहिक प्रदर्शन ।
  5. अ- वर्गीकृत प्रलेखों का पता लगाने में सहायता ।

इन्फ्लिब्नेट प्रॉजेक्ट

युनिवर्सिटी ग्रॉन्टस कमिशन, नई दिल्ली के इन्फ्लिब्नेट सेंटर (www. Inflilenet.ac.in) का यह ग्रंथालय क्रियाशील सदस्य है तथा यूजीसी द्वारा उपलब्ध कराए गए (इन्फोनेट प्रॉजेक्ट) ई-संसाधनों का इस्तेमाल करता है । इन्फ्लिब्नेट ने इस ग्रंथालय के चार वरिष्ठ कर्मचारियों को कम्प्यूटर तथा ग्रंथालय-यंत्रचलन में प्रशिक्षित किया है । इन्फ्लिब्नेट द्वारा संचालित यूनियन डेटाबेस ऑफ पीरियॉडिकल्स् द्वारा निर्धारित सूची के अनुसार यहाँ का पीरियाडिकल सेक्शन नियमित रूप से नियतकालिकों को उपलब्ध कराता है ।

इन्फ्लिब्नेट द्वारा संचालित यूनियन डेटाबेस ऑफ बुक्स में 50,000 दस्तावेजों के ग्रंथ-सूची के अभिलेखों का योगदान किया गया है । विश्वविद्यालय के पी-एच्. डी प्रबन्धों के समग्र ग्रंथ-सूची अभिलेखों को भी इस डेटाबेस में प्रविष्ट कर दिया गया है ।

कर्मचारी-वृंद

  1. श्री राजेश कुमार मिश्र

    प्रभारी, शांतरक्षित ग्रंथालय
    प्रलेखन अधिकारी तथा जन सूचना अधिकारी

  2. श्री एस. एन. सिंह यादव
    व्यावसायिक सहायक (प्रभारी, तकनीकी अनुभाग)
  3. श्री लोब्संग वाङडू
    अर्द्ध-व्यावसायिक सहायक (तकनीकी अनुभाग)
  4. श्रीमती तेन्जिन रिंङसेंग
    अर्द्ध-व्यावसायिक सहायक (संग्रहण अनुभाग)
  5. Mr. Ravikant Pal
    Semi Professional Assistant (Acquisition Section)
  6. Mr. Tenzin Chungdak
    Semi Professional Assistant (Contract, Technical Section)
  7. Shivbachan Sharma
    MTS

माँग- पत्र